डूबती मेरी कश्ती को उठाने वाला चाहिए
और कुछ नहीं , मुझे बस एक दीवाना चाहिए ...
गुमनाम हुई मेरी ज़िन्दगी को नाम देने वाला चाहिए
और कुछ नहीं , मुझे बस एक दीवाना चाहिए...
मेरे वजूद से मेरी पहचान कराने वाला चाहिए
और कुछ नहीं , मुझे बस एक दीवाना चाहिए ....
इसे खुदगर्ज़ी कह लो मेरी या एक छोटी सी आरज़ू
जो मेरी नादानियों के साथ मुझे अपना ले,
ऐसा कोई अपना कहलाने वाला चाहिए
और कुछ नहीं........ मुझे बस एक दीवाना चाहिए.....
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